सुक्खू सरकार प्रचार में मस्त — ठेकेदार पस्त : एडवोकेट विश्व चक्षु
महिलाओं की 1500 वाली गारंटी झूठ निकली, बाकी वादे भी हवाई — सुक्खू बिहार में भाषण, हिमाचल में भ्रम

हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी एडवोकेट विश्व चक्षु ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार पूरी तरह से झूठ, बहाने और फरेब पर टिकी है। दिवाली से पहले ठेकेदारों को भुगतान करने के दावे करने वाले मुख्यमंत्री ने न केवल जनता को गुमराह किया बल्कि ठेकेदारों की मेहनत और प्रदेश के विकास के साथ खुला मज़ाक किया है। जब हिमाचल की जनता बिजली, पानी और भुगतानों के लिए परेशान है, तब मुख्यमंत्री बिहार चुनाव में जाकर झूठा प्रचार कर रहे हैं। विश्व चक्षु ने कहा कि सच्चाई यह है कि ट्रेजरी बंद है, विकास ठप है, और जनता त्रस्त है। सरकार के पास कर्मचारियों, ठेकेदारों और योजनाओं के भुगतान के लिए पैसा नहीं है। हर विभाग की फाइलें कोषागार में धूल खा रही हैं और मुख्यमंत्री मंचों से “विकास हो रहा है” का झूठा नाटक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार “काम करवाओ, पर भुगतान भूल जाओ” की नीति पर चल रही है। जो सरकार अपने ही ठेकेदारों और कर्मचारियों को समय पर भुगतान न कर पाए, वह जनता के हितों की रक्षा क्या करेगी? यह सरकार अब विकास नहीं, विनाश का पर्याय बन चुकी है। एडवोकेट विश्व चक्षु ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब हिमाचल की जनता बिजली, पानी और भुगतानों के लिए परेशान है, तब मुख्यमंत्री बिहार चुनाव में जाकर झूठा प्रचार कर रहे हैं। विश्व चक्षु ने कहा कि सुक्खू बिहार में जाकर दावा कर रहे हैं कि “हिमाचल में महिलाओं को 1500 रुपये की गारंटी पूरी कर दी गई”, जबकि यह सबसे बड़ा झूठ है। “सच तो यह है कि हिमाचल में एक भी महिला को 1500 रुपये की गारंटी पूरी तरह नहीं मिली। कांग्रेस ने सिर्फ पंजीकरण करवाकर जनता को बेवकूफ बनाया और अब बिहार में उसी झूठ की झांकी दिखा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने न तो हर घर रोजगार की गारंटी निभाई, न पुरानी पेंशन को स्थायी रूप से लागू किया, न युवाओं को स्टार्टअप मदद दी, और अब इन अधूरे वादों को बिहार में सच बनाकर बेचने निकले हैं। झूठ के बल पर सत्ता में आए, और अब झूठ के सहारे बिहार में कांग्रेस की नैया पार लगाने की कोशिश कर रहे हैं। विश्व चक्षु ने कहा कि जब हिमाचल में ट्रेजरी बंद है, ठेकेदार सड़कों पर हैं, विकास ठप है, कर्मचारी आंदोलनों में हैं — तब मुख्यमंत्री को अपने प्रदेश की चिंता नहीं, बल्कि बिहार के मंचों पर तालियां बटोरने की पड़ी है। विश्व चक्षु ने तीखे लहजे में कहा कि सुक्खू सरकार ने पूरे हिमाचल को वित्तीय कंगाली, झूठे दावों और ठप विकास का प्रयोगशाला बना दिया है। न ट्रेजरी खुली है, न जनता का खाता; बस मुख्यमंत्री का प्रचार चलता जा रहा है। उन्होंने कहा कि दिवाली से पहले भुगतान करने की घोषणा कर फिर पीछे हट जाना, हिमाचल की जनता के साथ किया गया राजनीतिक विश्वासघात है। प्रदेश में न विधायक निधि जारी हो रही है, न पंचायतों को फंड मिल रहे हैं, और न ही विकास योजनाएं आगे बढ़ रही हैं। विश्व चक्षु ने कहा कि सरकार की नाकामी इतनी गहराई तक पहुंच चुकी है कि अब कांग्रेस पंचायत चुनावों से भागने के लिए डिजास्टर एक्ट और सड़कों की दुर्दशा का बहाना बना रही है। 2023 की आपदा में टूटी सड़कें आज तक जस की तस हैं। दो साल बीत गए, और सुक्खू सरकार अब भी केवल बयान दे रही है, मरम्मत नहीं। उन्होंने कहा कि यह सरकार केवल “प्रचार की सरकार” है — प्रशासन ठप, खज़ाना खाली और जनता परेशान। हिमाचल को ठहराव, ठगी और ठप व्यवस्था की राह पर धकेलने वाली कांग्रेस सरकार का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। अंत में विश्व चक्षु ने कहा कि भाजपा आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश में सुक्खू सरकार के झूठ और आर्थिक कुप्रबंधन के खिलाफ जनआंदोलन छेड़ेगी। जनता अब इस नाकारा, निकम्मी और नौटंकी सरकार का अंत चाहती है। सुक्खू सरकार की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है — अब जनता सच्चाई का हिसाब चुकता करेगी।


