जनता सहन कर रही समस्याओं का समाधान कब करेगा प्रशासन और सरकार
तहसील मुख्यालय के उपनगर नगरोटा सूरियाँ में मूल समस्या का आखिर समाधान कब होगा ये बात जनता में आम चर्चा में है। हालांकि मीडिया द्वारा लोगों को पेश आ रही दिक्कतें उठाई जाती है मगर आश्वासन तक ही सीमित है,लेकिन हल बारे लोग आवाज उठाते हैं, उस पर गौर होना चाहिए बो नहीं होना चिंता का विषय है? हालांकि सरकार द्वारा जनता को पेश आने वाली दिक्कतें हल करने बारे तथा विकास कार्यो को समय पर पुरा करने की बात की गई है पर उसके बाबजूद कोई ध्यान न देना लोग हैरान हो रहे हैं। लोगों का कहना है और सवाल भी किया है कि आखिर राजनीति किस लिए और किस उदेश्य के लिए की जाती है ? लोगों की मूल समस्या ही हल न हो तो फिर लोग किस पास फरियाद करें ? लोगों अनुसार नगरोटा सूरियाँ का तहसील भवन हो या वर्षा शालिका वो असुरक्षित की हुई, उसके बाबजूद अभी तक समाधान नहीं होना हैरानी वाली बात है। सुगनाडा पंचायत का सिंचाई नलकूप की भूमिगत बिछाई, पाइप कुछ स्थानों से लीकेज हो रही हैं, आवाज किसानों द्वारा उठाए जाने और विभाग को बताने पर हल नहीं हुआ। पर्यटन की दृष्टि से महज आश्वासन ही मिल रहे हैं कोई धरातल पर प्रगति नहीं, कुछ गाँवों की जनता को दूसरे या तीसरे दिन पेयजल आपूर्ति हो रही है, नियमित प्रति दिन पानी नलों में नहीं आता। इस हालत से जनता गुजर रही है। नगरोटा सूरियाँ को जोड़ने वाली सड़क की क्या स्थिति है बो इलाके की जनता के समक्ष है ,पर विभाग के सामने भी है ? लोगों का कहना है कि व्यस्तता वाले इस मार्ग की दशा इस कदर है की क्या व्यां करे। वाहनों की आवाजाही से धूल में धूमिल हो रहे हैं, सड़क के आस पास घरों में उड़ती धूल सड़क की पहुँच जा रही है, पैदल आने जाने वाले तो और भी दिक्कतें सहन कर रहे हैं। उपरोक्त सब समस्या बारे लोग आवाज उठा रहे हैं फिर भी कोई सुनवाई न होना , आखिर फिर कौन उनकी समस्याओं का समा धान करेगा? इस तरह से हाल बेहाल है लोगों का परेशानियों को झेलते हुए ।क्या प्रशासन और सरकार ध्यान देगी उक्त सभी हल बारे या यूँ समस्या के दोर से गुजरना पड़ेगा?

