जूनियरों से दुर्व्यवहार पर हिमाचल पुलिस में सख्ती
मुख्यालय ने सभी IPS और HPS अधिकारियों को जारी किया सर्कुलर, असभ्य रवैये पर जीरो टॉलरेंस की नीति लागू

शिमला: हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग में कुछ वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अपने जूनियर कर्मचारियों से अनुचित और असभ्य व्यवहार की शिकायतें सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय ने सख्ती दिखाई है। पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने ऐसे मामलों को “अनुशासनहीनता” करार देते हुए चेतावनी दी है कि अब इस तरह के व्यवहार पर कंडक्ट रूल्स के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यालय की ओर से 21 अक्टूबर को जारी सर्कुलर में साफ कहा गया है कि हिमाचल पुलिस में किसी भी अधिकारी को उम्र, रैंक या सामाजिक स्थिति की परवाह किए बिना हर व्यक्ति के प्रति सम्मानजनक व्यवहार करना अनिवार्य है। डीजीपी ने चेताया है कि “रैंक से नहीं, आचरण से पहचान बनती है। कोई भी अधिकारी अपनी पोजीशन का दुरुपयोग कर सहयोगियों का अनादर नहीं कर सकता।” सर्कुलर के अनुसार, पुलिस विभाग में असभ्य या अनुचित भाषा का इस्तेमाल ‘जीरो टॉलरेंस जोन’ में रखा गया है। सभी आईपीएस और एचपीएस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से सम्मानपूर्वक व्यवहार सुनिश्चित करें। किसी भी तरह के अपमानजनक आचरण को पुलिस मुख्यालय गंभीरता से लेगा और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। डीजीपी अशोक तिवारी ने कहा कि यह सर्कुलर किसी एक व्यक्ति या घटना को लेकर नहीं, बल्कि पुलिस बल में पेशेवर आचरण और आपसी सम्मान को बनाए रखने के लिए प्रशासनिक कदम है। उन्होंने कहा— “हिमाचल पुलिस अपनी अनुशासित और संवेदनशील छवि के लिए जानी जाती है। इसे बनाए रखना हर अधिकारी की जिम्मेदारी है। रैंक चाहे जो भी हो, व्यवहार में विनम्रता जरूरी है।”


